COVID-19 Vaccination: कोविशील्ड, कोवैक्सीन और Sputnik V में से कौन सी है बेस्ट और जानिए इनके साइड इफेक्ट्स
कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कहर को कम करने और हर्ड इम्यूनिटी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इन दिनों देश में टीकाकरण जोरों पर है। देश में कोविशील्ड और कोवैक्सीन का टीकाकरण पहले से जारी है और रूसी वैक्सीन स्पूतनिक वी को भी मंजूरी मिल चुकी है। जानिए सभी वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स।
कोरोना वायरस की दूसरी लहर के प्रकोप को कम करने के लिए भारत में अब विदेशों से भी वैक्सीन की आपूर्ति हो रही है। क्योंकि इन दिनों भारत में कोविड से हालात बहुत बुरे हो चुके हैं और अब विदेशी से भी मदद की जा रही है। कोवैक्सीन (Covaxin) और कोविशील्ड (Covishield) (ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रेंजेनका) के बाद अब रूस की स्पूतनिक वी (Sputnik V) को भी देश में अप्रूवल मिल चुका है।
थर्ड फेज के टीकाकरण के बीच ये तीसरी वैक्सीन है जो इन दिनों काफी चर्चा में हैं। बहरहाल, यहां हम आपको अप्रूव हुई तीनों वैक्सीन की इफेक्टिवनेस से लेकर इसके साइड इफेक्ट्स के बारे में बता रहे हैं। जानिए कौन है सबसे ज्यादा असरदार।
ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (Drugs Comptroller General of India) (DGCI) ने रूस में आयोजित क्लीनिकल ट्रायल्स रिजल्ट के बेस ही स्पूतनिक वी वैक्सीन को इमरजेंसी मंजूरी दी है। ट्रायल्स में पाया गया कि स्पूतनिक वी कोविड 19 के खिलाफ 91.6% प्रभावी (Efficacy) है और इसके गंभीर लक्षणों को रोकने में कारगर है।
वहीं दूसरी ओर स्पूतनिक वी (Sputnik V) की तुलना में भारत की कोवैक्सीन (Covaxin) को 81 प्रतिशत प्रभावी बताया जा रहा है, जिसे हाल ही में यूके के वैरिएंट वायरस के खिलाफ बेअसर होना पाया गया है। जबकि वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल की जा रही कोविशील्ड में 70.4% से अधिक प्रभावी बताई जा रही है, जिसे 90% तक बढ़ाया जा सकता है।
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